Friday, 14 October 2011

Dost..!!!!

मिलाया रब ने ऐसे दोस्तों से जिनके लिए हम ज़रा भी पाबंद नही,
छोड़ देंगे हर वो बुरी बात जो उन्हे थोड़ी सी भी पसंद नही..
कहें तो हमे एक वारी उनके लिए जान तक कुर्बान कर देंगे,
अपनी ज़िंदगी का हर एक छोटा सा पल भी उनके नाम कर देंगे..

ऐसे दोस्तों से ही तो ज़िंदगी जनन्त है, अपने ये दोनो जहान हैं,
उन्ही से तो होठों पे मुस्कान है, वोही तो हमारी शान हैं..
उनकी मुस्कुराहट से निरी खुशी, उनकी ज़रा सी उदासीयत से दुखी,
क्यूंकी अगर वो हैं सूरज, तो हम उनकी तरफ रुख़ करे सूरजमुखी..

नही जानते थे, उनसे इतना गहरा रिश्ता बन जाएगा,
कि अलग होने का ख़याल भी दिल को इतना हिला जाएगा..
बिछड़े अगर हम, तो अखियों में आँसू का जो सागर होगा,
ना उसे पोंछने वाला, ना सहारा देने वाला वो अपना होगा..

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